इंदौर में दूषित पानी पीने से दिवंगत हुई आत्मांओ की शांती के लिए महिला कांग्रेस के कैडल मार्च
इंदोर की घटना प्राकृतिक आपदा नहीं

कैलाश विजयवर्गी अपनी अमर्यादित भाषा पर जनता से माफी मांगे
ग्वालियर 07 । इंदौर शहर जो भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता रहा है, एैसे शहर में शासन-प्रशासन की लापरवाही से इंदोर के भागीरथ पुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। प्रशासन की लापरवाही ने इस त्रासदी को जन्म दिया, और हद तो तब हो गई जब इस दुखद घटना पर भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर आमर्यादित भाषा का प्रयोग करना बहुत ही निंदनीय है, यह भाजपा सरकार की अमानवीयता को दिखाता है,
इस दुखद घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्षा श्रीमती मीनू परिहार के नेतृत्व एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव की उपस्थिती में आज महिला कांग्रेस द्वारा पड़ाव चौराहे से एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च में महिला कांग्रेस की अनेक महिला नेत्रिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेसजन हाथों में मोमबत्तियां लेकर चले और न्याय दो, दोषियों को सजा दो जैसे नारे लगाते हुए सड़कों पर निकले।
कैडल मार्च में जिला महिला कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती मीनू परिहार ने कहा कि यह घटना कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि भाजपा शासित नगर निगम और भाजपा राज्य सरकार की घोर लापरवाही का नतीजा है। भागीरथ पुरा के निवासियों को साफ पानी उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी, लेकिन पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत न करने और सीवेज सिस्टम की अनदेखी ने 17 निर्दाेष जिंदगियों को छीन लिया, जब इस दुखद घटना पर भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर आमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, उन्हें अपनी इस भाषा शैली पर लगाम लगाकर जनता से माफी मांगना चाहिए इसके साथ ही इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होना चाहिए, दोषीयों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। दिवंगतों के परिवारों को तत्काल मुआवजा मिले, अस्पताल में भर्ती मरीजों को मुफ्त इलाज उपलब्ध हो, और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जल प्रणाली का पूर्ण ऑडिट किया जाए। कांग्रेस शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी हैं और न्याय की लड़ाई को विधानसभा से लेकर सड़क तक जारी रखेंगे। कांग्रेस पार्टी इस पर चुप नहीं बैठेगी।
कैंडल मार्च के दौरान दिवंगत आत्मांओ को श्रद्धांजलि दी और मोमबत्तियां जलाकर एक मिनट का मौन रखा।
कैंडल मार्च में श्रीमती बिना भारद्वाज, मनीषा रावत, ज्योति बाथम, रचना कुशवाह, मिथिलेश यादव, अनीता पाल, तृप्ति चौहान, संजना राजावत, आशा गौर, पिंकी सोनी, मनोरमा सिंह, पूनम प्रजापति, नरेंद्र कौर, उमा शर्मा, सुनीता चौधरी, मोनिका बाथम, रमाबाई, सायरा, मनीषा खान, खुशी रेखा जाटव रेनू चौहान मंजू मिथिलेश कनिका बाथम गीता गुर्जर लता ममता माहौर भारती चंद्रा जायसवाल महेश मधुरिया मिक्की तोमर सोनू भदोरिया ,मोहित दीक्षित सुनील शर्मा चिराग गर्ग मिक्की तोमर सोनू भदोरिया तरुण यादव आदित्य सेंगर आशिक उस्मानी रईस उस्मानी विवेक शर्मा ओम गोदिया आदि सम्मिलित थे।

