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वॉक फॉर पीस 108 दिनों की शांति यात्रा पीस गेदरिंग एंड कंक्लूडिंग सेरेमनी के साथ समापन

वाशिंगटन डीसी, 11. फरवरी 2026 — अमेरिका के इतिहास में एक अनोखी शांति यात्रा बुधवार को  अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। टेक्सास के फोर्ट वर्थ से शुरू हुई वॉक फॉर पीस  नामक पैदल यात्रा भिक्षु कैपिटल हिल से गुजरते हुए लिंकन मेमोरियल पहुंचेगी, जहां दोपहर करीब 2:30 बजे पीस गेदरिंग एंड कंक्लूडिंग सेरेमनी…

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हम सभी को बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए-सुरेन्द्र यादव

ग्वालियर 30 । शांति और अहिंसा के पुजारी भारत की आजादी के आंदोलन के प्रेरणा स्त्रोत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को  शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा फूलबाग स्थित गांधी उद्यान में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित, नमन कर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, श्रद्धांजलि सभा…

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प्रदर्शनी से संघ समझने में मिलेगी सहायता : दीक्षित

ग्वालियर30। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने के लिए आद्य सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन जानना और संघ की शाखा में जाना जरूरी है, लेकिन यहां शुरू हुई प्रदर्शनी से भी लोगों को संघ को समझने में सहायता मिलेगी। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह विजय दीक्षित ने शुक्रवार…

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गुरु तेगबहादुर के शहीद दिवस-मानवता के रक्षक की परंपरा को हर वर्ग तक पहुंचे

गुरु तेगबहादुर के 350 वें शहीद दिवस – ‘हिंद की चादर’ व्याख्यान ग्वालियर। गुरु तेगबहादुर ने मानवता, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्रोणों को न्योछावर कर दिया था। भारत में गुरुओं का सर्वोच्च स्थान है। इसलिए गुरु परंपरा का अध्ययन करें, इसे आगे बढ़ाएं और संस्कृति की रक्षा में संगठित होकर खड़े…

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जातिवादी हिंदुओं से विराट हिन्दु धर्म को गंभीर खतरा

मेरा सोच एकदिन  में विकसित नहीं  हुआ है, इसकी एक नहीं सैकड़ों वजह हैं           सत्येन्द्र जैन मेरा सोच एकदिन विकसित नहीं हुआ है, इसकी एक नहीं सैकड़ों वजह हैं। देशभर में फैले  भगवता चार्यों रामकथा वाचकों बागेश्वर धाम सीहोर के पंड़ित जी  के मुखार बिंद से निरतंर झर रहे हिंदुवादी…

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कांग्रेस, तुमसे ज़्यादा तो गांधी को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने समझा

तुम्हें देखकर आज अफसोस होता है। कभी तुम आंदोलन थे, आज तुम मीटिंग हो गए हो। कभी तुम्हारे पोस्टरों में देश बोलता था, अब बस नेता बोलते हैं। गांधी तुम्हारे अपने थे, फिर भी तुम उनसे सबसे ज़्यादा दूर हो गए। जो आदमी तुम्हारा जल, जीवन, हवा सब था – उसे तुमने सिर्फ फोटो में…

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