Headlines

वॉक फॉर पीस 108 दिनों की शांति यात्रा पीस गेदरिंग एंड कंक्लूडिंग सेरेमनी के साथ समापन

वाशिंगटन डीसी, 11. फरवरी 2026 — अमेरिका के इतिहास में एक अनोखी शांति यात्रा बुधवार को  अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। टेक्सास के फोर्ट वर्थ से शुरू हुई वॉक फॉर पीस  नामक पैदल यात्रा भिक्षु कैपिटल हिल से गुजरते हुए लिंकन मेमोरियल पहुंचेगी, जहां दोपहर करीब 2:30 बजे पीस गेदरिंग एंड कंक्लूडिंग सेरेमनी आयोजित होगी। यहां यात्रा का औपचारिक समापन होगा। शाम को जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में ध्यान सत्र भी रखा गया है।

आपको बता दें कि यात्रा की शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को ương Đạo विपस्सना भावना सेंटर से हुई थी।लगभग 19-24 बौद्ध भिक्षुओं (मुख्य रूप से थेरवाद परंपरा के) की यह 2300 मील (लगभग 3700 किमी) लंबी यात्रा 108 दिनों तक चली और पूरे देश में शांति, करुणा तथा माइंडफुलनेस का संदेश फैलाया। भिक्षु केसरिया रंग के वस्त्र पहने, सादगी भरे अंदाज में नौ राज्यों (टेक्सास, लुइसियाना, मिसिसिपी, अलबामा, जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, वर्जीनिया और डीसी) को पार करते हुए चले। सर्दी के तूफान, बर्फ और थकान के बावजूद उन्होंने यह यात्रा पूरी की। उनके साथ एक बचाव कुत्ता ‘अलोका’ भी कुछ हिस्सों में साथ रहा। वाशिंगटन पहुंच और भव्य स्वागत 10 फरवरी को सुबह भिक्षु अर्लिंगटन, वर्जीनिया से चेन ब्रिज पार कर वाशिंगटन डीसी में दाखिल हुए। हजारों लोग फूलों, तख्तियों और मौन सम्मान के साथ उनका स्वागत करने पहुंचे। पहला बड़ा कार्यक्रम अमेरिकन यूनिवर्सिटी के बेंडर एरीना में हुआ, जहां लगभग 3500 लोग शांतिपूर्ण माहौल में इकट्ठा हुए। दोपहर में वाशिंगटन नेशनल कैथेड्रल   में अंतरधार्मिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कैथेड्रल के डीन रेवरेंड रैंडी होलेरिथ और बिशप मरियन बड्डे ने भिक्षुओं का स्वागत किया। विभिन्न धर्मों के नेता एक मंच पर आए और प्रार्थनाएं कीं। वेनरेबल भिक्खु पन्नाकारा यात्रा के मुख्य नेता, ने कहा: “हम शांति लाने नहीं आए, बल्कि शांति की जागरूकता जगाने आए हैं। शांति पहले से ही हर व्यक्ति के अंदर है, हमें बस उसे जगाना है। आज यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ शांति के लिए खड़े हैं, यह हमारी यात्रा की सबसे बड़ी सफलता है।”  यह यात्रा अमेरिका के राजनीतिक रूप से विभाजित माहौल में शांति का एक सकारात्मक संदेश बनकर उभरी। लाखों लोगों ने रास्ते में और सोशल मीडिया पर इसका समर्थन किया। भिक्षुओं ने कहा कि यह यात्रा खत्म नहीं हुई है, बल्कि शांति की निरंतर मुहिम शुरू हुई है। वेनरेबल पन्नाकारा ने कैथेड्रल में कहा: “यह सिर्फ एक यात्रा का अंत नहीं, बल्कि शांति की नई शुरुआत है।”