हम सभी को बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए-सुरेन्द्र यादव

ग्वालियर 30 । शांति और अहिंसा के पुजारी भारत की आजादी के आंदोलन के प्रेरणा स्त्रोत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को  शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा फूलबाग स्थित गांधी उद्यान में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित, नमन कर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, श्रद्धांजलि सभा में  कांग्रेस  जनों ने सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यपर्ण किया। तदुपरांत कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी का प्रिय भजन ’रघुपती राघव राजा राम-पतित पावन सीताराम’ का गायन कर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
शहर जिला  कांग्रेस   कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम यहाँ महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमें न केवल उनके बलिदान की याद दिलाता है, बल्कि उनके जीवन से प्रेरणा लेने का भी अवसर प्रदान करता है। 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह दिन हमें उनके विचारों और सिद्धांतों की महानता को समझने का अवसर देता है। महात्मा गांधी जी सत्य, अहिंसा और शांति के पुजारी थे। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि हमारे इरादे मजबूत हों और मार्ग सत्य का हो, तो हम किसी भी संघर्ष को जीत सकते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में न केवल अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि समाज में व्याप्त भेदभाव और अन्याय के खिलाफ भी संघर्ष किया। गांधी जी का बलिदान हमें यह याद दिलाता है कि देश की एकता और अखंडता के लिए हमें प्रेम और सहिष्णुता की भावना अपनानी चाहिए। गांधी जी ने लाठी नहीं उठाई, बंदूक नहीं चलाई लेकिन फिर भी ब्रिटिश साम्राज्य को झुका दिया। उनके पास केवल दो हथियार थे सत्य और अहिंसा। असहयोग आंदोलन हो, नमक सत्याग्रह हो या भारत छोड़ो आंदोलन, गांधी जी ने दिखा दिया कि हिम्मत की असली परिभाषा क्या होती है। आज हमें गांधी जी के उस जोश और जज़्बे को अपने जीवन में उतारना है। अगर वे उस दौर में बिना हथियारों के अंग्रेजों को परास्त कर सकते थे, तो हम आज के दौर में भ्रष्टाचार, असमानता और नफरत जैसी बुराइयों को क्यों नहीं हरा सकते? आज भी उनके विचार और जीवन मूल्य हमारे जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। हमें गांधी जी के सिद्धांतों को अपनी ताकत बनाना होगा। सत्य बोलने की हिम्मत रखनी होगी, अहिंसा के पथ पर चलने का संकल्प लेना होगा और समाज में एकता की मशाल जलानी होगी। गांधी जी का संघर्ष केवल अतीत की कहानी नहीं है, यह वर्तमान की प्रेरणा है। हम सबको मिलकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना होगा।
कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, पूर्व अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, जेएच जाफरी, राजेन्द्र सिंह नाती, वीर सिंह तोमर, उदल सिंह यादव, सरमन सिंह राय, चतुर्भुज धनोलिया, अवधेश कौरव, पूरन सिंह कुशवाह, सेवादल अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह गुर्जर, पियुश जैन, कुलदीप सिंह कौरव एड, तरूण यादव, ब्लॉक अध्यक्ष अनुप शिवहरे, श्याम सुदंर श्रीवास्तव, महादेव अपोरिया, श्रीमती निधी शर्मा, आदित्य सिंह सेंगर, अंकित कठ्ठल, राकेश शर्मा, भूपेन्द्र तोमर, सोनू भदोरिया, मनीश यादव, विष्णूकांत शर्मा, संजीव दीक्षित, आविद नकबी, सोहिल खान, मुन्नालाल खरे, कुलदीप मगरैया, अशोक कश्यप, एमके कुरेशी, नाजिम खान, अनुप श्रीवास्तव, अनिरूद्ध गुप्ता, प्रभात जैन गंगवाल, धमेन्द्र सिंह राजपूत, सुरेश कुमार प्रजापति, दीपेन्द्र सिंह राजावत, राजेन्द्र सिंह कुशवाह, राजू बाथम, राज सिंह, राहुल बाथम, विवेक पांडे, जीतू खटीक, विजय सिंह, आकाश सिंह, अनवर खां सहित अनेक कांग्रेसजन सम्मलित थे।