13 मार्च से बजट पर होगी परिषद में चर्चा
ग्वालियर 26।महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये निगमायुक्त द्वारा प्रेषित आय-व्यय पत्रक में आय रूपयेे 23,91,81,12,000/- (तेईस अरब इक्यानबे करोड़ इक्यासी लाख बारह हजार) का आय बजट प्रस्तुत किया है। बजट प्रस्तुतिकरण उपरांत सभापति श्री मनोज सिंह तोमर ने बजट पर संशोधन प्रस्ताव लगाने हेतु दिनांक 10 मार्च 2026 को शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया तथा संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा हेतु बैठक 13 मार्च 2026 दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
मेयर-इन-काउसिंल द्वारा बजट प्रस्तावों पर गंभीरतापूर्वक विचारोपरान्त आयुक्त द्वारा प्रस्तावित आय रूपये 23,66,20,13,000/-(तेईस अरब छियासठ करोड़ बीस लाख तेरह हजार) में विभिन्न मदों में समुचित कमी/वृद्धि कर रूपये 23,91,81,12,000/- (तेईस अरब इक्यानबे करोड़ इक्यासी लाख बारह हजार) की आय तथा आयुक्त द्वारा प्रस्तावित व्यय रूपये 23,39,85,71,000/- (तेईस अरब उनतालीस करोड़ पिच्यासी लाख इकहत्तर हजार) में समुचित कमी/वृद्धि कर रूपये 23,64,15,72,000/- (तेईस अरब चौसठ करोड़ पन्द्रह लाख बाहत्तर हजार) का व्यय तथा रक्षित निधि आय का 5 प्रतिशत रूपये 27,50,26,600/-(सत्ताईस करोड़ पचास लाख छब्बीस हजार छः सौ) सम्मिलित करते हुये कुल व्यय रूपये 23,91,81,12,000/- (तेईस अरब इक्यानबे करोड़ इक्यासी लाख बारह हजार) इस प्रकार राशि रूपये 15,13,400/-(पन्द्रह लाख तेरह हजार चार सौ) के शुद्ध आधिक्य का बजट सर्वसम्मति से वर्ष 2026-27 के लिये प्रस्तावित किया गया है।
राजस्व विभाग की आय वृद्धि के लिए प्रस्तावित योजना:-
1. वर्ष 2025-2026 में माह जनवरी 2026 तक निगम स्वामित्व की दुकानों/पीढ़ी/चबूतरों से किराया वसूली राशि रूपये 5.91 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। जबकि गत वर्ष की उक्त अवधि तक मात्र 1.97 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस प्रकार जनवरी माह तक तुलना करने पर वर्ष 2025-2026 में किराया वसूली में राशि रूपये 2.65 करोड़ की अधिक आय प्राप्त हुई है।
2. हजीरा स्थित इंटक मैदान चौपाटी की 29 दुकानों के प्रथम बार टेण्डर जारी किये जाने पर 04 दुकानों के ऑफर प्राप्त हुये। ऑफरकर्ताओं से दुकानों की प्रथम किश्त राशि रूपये 14 लाख निगम कोष में जमा करायी गयी, शेष 25 दुकानों के पुनः टेण्डर जारी किये गये जिनमें से 08 दुकानों के ऑफर प्राप्त होकर आवंटन की कार्यवाही गतिशील है, जिनसे प्रथम किश्त के रूप मे लगभग 26 लाख रूपये जमा कराये जाने के लिये पत्र जारी किये गये हैं, शेष 17 दुकानों के टेण्डर लगाये जाने की प्रक्रिया गतिशील है जिनसे लगभग राशि रूपये 3.69 करोड़ की आय होने की संभावना है।
3. हुजरात मार्केट की 51 दुकानों के 05 बार टेण्डर जारी किये जाने पर भी कोई ऑफर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में दुकानों को किराये पर दिये जाने की कार्यवाही गतिशील है, जिनसे प्रतिमाह लगभग 1.37 लाख रूपये किराये के रूप मे निगम को प्राप्त होंगे।
4. पुराना नगर निगम कार्यालय भवन, महाराज बाड़ा ग्वालियर के पिछले हिस्से (नजरबाग मार्केट स्थित गली) में स्मार्ट सिटी द्वारा निर्माणाधीन 06 दुकानों को तथा भवन के नीचे नवीनीकृत किये गये दो हॉलों को 30 वर्ष की लीज पर आवंटन होने से लगभग 08 करोड़ की आय होने की संभावना है।
5. निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर निर्मित मार्केटों में रिक्त 109 दुकानों के आवंटन से लगभग 07 करोड़ की आय होने की संभावना है।
6. माननीय सर्वोच्च न्यायालय/न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा आदेश पारित कर जिंसी नाला नम्बर 01 छप्परवाला पुल स्थित भूमि लगभग 4000 वर्गफुट, जिसका बाजार मूल्य लगभग राशि रूपये 06 से 07 करोड़ है जो निगम को प्राप्त हुयी है।
7. माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा आदेश दिनांक 27.11.2025 पारित कर पड़ाव स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय की भूमि लगभग 3200 वर्गफुट जिसका बाजार मूल्य लगभग राशि रूपये 08 करोड़ है जो निगम को प्राप्त हुयी है।
8. निगम स्वामित्व के बैम्बू रेस्टोरेंट को 05 वर्ष के लिए मासिक लायसेंस पर आवंटित होने से राशि रूपये 29 लाख प्रतिवर्ष आय होना संभावित है।
9. निगम स्वामित्व के पगौड़ा रेस्टोरेंट को 05 वर्ष के लिए मासिक लायसेंस पर आवंटित होने से राशि रूपये 19 लाख प्रतिवर्ष आय होना संभावित है।
जनकार्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्यांे के लिए कुल राशि रूपये 6,30,50,05,000/- (छः सौ तीस करोड़ पचास लाख पांच हजार) का प्रावधान रखा गया है, जिसमें से पूंजीगत कार्याें हेतु राशि रूपये 5,66,49,05,000/- (पांच सौ छियासठ करोड़ उन्नचास लाख पांच हजार) एवं राजस्व व्यय हेतु राशि रूपये 64,01,00,000/- (चौंसठ करोड़ एक लाख) का प्रावधान है।
1. जनकार्य विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कायाकल्प योजनान्तर्गत 48 किलोमीटर डामरीकरण एवं सी.सी. सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिसके अंतर्गत शहर के मुख्य मार्ग भी सम्मिलित है एवं मुख्यमंत्री शहरी अद्योसंरचना के अंतर्गत 05 किलोमीटर लम्बाई में डामरीकरण सड़क का निर्माण कार्य कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुमानित 05 किलोमीटर डामरीकरण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
2. जनकार्य विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम निधि से 15 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 किलोमीटर सी.सी. सड़कों के निर्माण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
3. जनकार्य विभाग अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों पर नवीन तकनीकि के माध्यम से 15,000 वर्ग मीटर में पेंच रिपेयर का कार्य कराया गया है किये गये कार्य की गारंटी रहेगी, वर्तमान में ऐसी सड़कों का नवीन निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक नहीं होगा। जिससे निगम का वित्तीय भार कम हुआ है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20,000 वर्ग मीटर सड़क पेंच रिपेयर के माध्यम से कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
4. वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुये सुधार कार्य- लेफ्ट टर्न फ्री, डेलीनेटर, स्प्रिंग पोस्ट, व्हाईट लाइनिंग, स्पीड ब्रेकर, कैट आई, रेडियम रिफ्लेक्टर, साईन बोर्ड लगाकर सुधार कार्य पर राशि रूपये 01 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है।
5. जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये गरीब बस्तीयों में 15 सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसमें क्षेत्रीय नागरिक अपनी सामाजिक गतिविधियाँ संपन्न करने हेतु स्वतंत्र होंगे। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 नवीन सामुदायिक भवनों का निर्माण कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यषाला
1. कार्यशाला विभाग अंतर्गत 02 नग सुपर सकर मशीन वाहन, 09 नग ई.व्ही. टिपर वाहन, 04 नग हाईड्रोलिक स्काय लिफ्ट वाहन, 02 नग रोड रोलर वाहन, आदर्श गौशाला हेतु 01 नग टैªक्टर वाहन, 01 नग टी.एम.आर. मशीन वाहन, 01 नग डॉग कैचर वाहन इत्यादि वाहन शहर की साफ-सफाई एवं सीवर सफाई की समस्याओं को निगम स्तर पर कुछ हद तक कम करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में वाहन क्रय हेतु राशि रूपये 12,00,00,000/- (बारह करोड़) बजट का प्रावधान रखा गया है।
2. कार्यशाला विभाग अंतर्गत विभिन्न प्रकार के संचालित वाहन जिसमें डोर-टू-डोर, जेटिंग, जेसीबी, डम्पर, मिनी डम्पर, टैªक्टर-ट्रॉली, ओपन टिपर, टैंकर, सीवर मशीन, स्काय लिफ्ट, रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, हुक लोडर इत्यादि वाहनों की मरम्मत कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पर्याप्त धनराशि प्रावधानित है।
3. स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुये पी.व्ही.सी. डस्टबिन खरीदने, लोहे के ट्विन डस्टबिन खरीदने एवं छोटी-छोटी सकरी गलियों में जहॉ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए टिपर वाहन नहीं पहुॅच पाते हैं, ऐसे स्थानों पर कचरा कलेक्शन हेतु हाथ ठेले खरीदने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ठेला/डस्टबिन क्रय हेतु राशि रूपये 1,50,00,000/- (एक करोड़ पचास लाख) का प्रावधान वर्णित है।
4. विभिन्न शासकीय एवं प्राईवेट संस्थाओं के द्वारा समय-समय पर होने वाले कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में आम नागरिकों के द्वारा खुले में टॉयलेट किये जाने से शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है ऐसी स्थिति में स्वच्छता में सुधार हेतु नवीन मोबाईल टॉयलेट खरीदने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राशि रूपये 70,00,000/-(सत्तर लाख) का प्रावधान रखा गया है।
5. कार्यशाला विभाग के द्वारा विभिन्न प्रकार के लगभग 600 से अधिक वाहन किराये एवं स्वयं के संचालित किये जा रहे है जिसमें अधिकतर वाहन स्वच्छता कार्य में लगे हुये हैं उक्त वाहनों को संचालन हेतु डीजल, पेट्रोल, सीएनजी एवं लुब्रीकेन्ट्स की आवश्यकता के दृष्टिगत राशि रूपये 32 करोड़ बजट का प्रावधान इस वित्तीय वर्ष 2026-27 मंे रखा गया है।
6. कार्यशाला विभाग में संचालित समस्त स्वयं के वाहनों में बीमा, फिटनेस एवं पीयूसी कराये जाने का भी प्रावधान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट मे प्रावधानित है।
7. स्वच्छता सर्वेक्षण, शासकीय प्रोग्राम एवं अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
8. कार्यशाला विभाग अंतर्गत संचालित रोड स्वीपिंग मशीन वाहनों के संचालन एवं संधारण कार्य हेतु मद जोड़ा गया है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान अंकित किया गया है।
पार्क
पार्क विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट मद से शहर की पार्कों में आमजनों के स्वास्थ्य वृद्धि एवं बच्चों के मनोरंजन के दृष्टिगत ओपन जिम एवं खेल उपकरण स्थापित किये गये। पार्कों को अत्यधिक संुदर बनाने के लिए 13 पार्कों का उद्यानिकी संधारण कार्य आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से 02 वर्ष की अवधि तक कराया जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण को दृष्टिगत रखते हुए हरियाली महोत्सव अंतर्गत लगभग 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) पौधों का रोपण करवाया गया। आगामी वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा में 02-02 नवीन बड़े पार्क विकसित एवं जिन पार्कों में ओपन जिम एवं खेल उपकरण स्थापित नहीं है ऐसे पार्कों में भी ओपन जिम एवं खेल उपकरण स्थापित किये जाने की कार्ययोजना तैयार की जावेगी। साथ ही शहर के मुख्य-मुख्य डिवाइडरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए शोभनीय पौधों का रोपण कराया जावेगा।
SBM/SWM
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत कुल राशि रूपये 1,60,00,00,000/- (एक सौ साठ करोड़) का प्रावधान रखा गया है जिसमें SWM, IEC, Construction of Aspirational Public Toilets, C&D Waste Plant, Waste to Energy, Sanitary Landfill and Transfer Station SWM, IEC, Construction of Aspirational Public Toilets, C&D Waste Plant, Waste to Energy, Sanitary Landfill and Transfer Station
इत्यादि कार्य किया जाना प्रस्तावित है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026-27 में रैंकिंग में शीर्ष 10 की सूची में जगह बनाना, कचरा मुक्त शहर में 5 स्टार रेटिंग एवं ODF स्टेट्स में वाटर प्लस प्रमाणीकरण को बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना
ए.एच.पी. घटक (अर्फोडेबल हाउसिंग परियोजना)
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में मानपुर-1, मानपुर-2 एवं महलगांव पहाड़ी के 351 आवासों एवं 24 दुकानों की रजिस्ट्री की जाकर हितग्राहियों को उनका आधिपत्य प्रदान किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु मानपुर-1, मानपुर-2, एवं मेहरा सिरोल के 703 आवासों की रजिस्ट्री की जाकर हितग्राहियों को आवासों का आधिपत्य प्रदान किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 33,668 (तैतीस हजार छः सौ अड़सठ) हितग्राहियों द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर आवेदन किया गया है। ग्राम लखनौती कलां, केदारपुर एवं सिकरौदा बडौरी पर नवीन भूमि आवंटन हेतु कार्यवाही की गई। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम लखनौती कलां, केदारपुर एवं सिकरौदा बडौरी पर भूमि आवंटन उपरांत नवीन डी.पी.आर. तैयार कर शासन को प्रेषित की जाकर आवासहीन हितग्राहियों को आवास का लाभ दिये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बी.एल.सी. घटक
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अन्तर्गत बी.एल.सी. (स्वनिर्माण) घटक अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में हितग्राहियों के खाते में राशि रूपये 22,50,000/- (बाईस लाख पचास हजार) अंतरण किये गये। जिसमें से 125 हितग्राहियों द्वारा प्राप्त राशि से स्वयं के आवास निर्माण पूर्ण कराये गये। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 210 हितग्राहियों के आवास पूर्ण कराये जावेंगे साथ ही लगभग राशि रूपये 01 करोड़ शासन से प्राप्त होने पर हितग्राहियों के खातों में अंतरण किये जाने की कार्यवाही की जायेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4064 हितग्राहियों द्वारा योजना का लाभ लिये जाने हेतु ऑनलाईन आवेदन किया गया, जिसमें से 231 हितग्राहियों के आवेदन पर आगामी कार्यवाही हेतु डी.पी.आर. शासन को अग्रेषित की जा चुकी है। वर्ष 2026-27 में 231 हितग्राहियों की डी.पी.आर. स्वीकृति उपरांत शासन से राशि प्राप्त होने पर आवास निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने की कार्यवाही की जावेगी एवं आगामी पात्र हितग्राहियों की डी.पी.आर. शासन को प्रेषित की जावेगी।
पी.आई.यू. नगर निगम, ग्वालियर
ऽ नवीन परिषद भवन का निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 22ए06ए38ए554ध्. ;बाईस करोड़ छः लाख अड़तीस हजार पांच सौ चौवन) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 45ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ फूलबाग चौराहे के पास चौपाटी विकास एवं निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 67ए34ए297ध्. ;सड़सठ लाख चौंतीस हजार दो सौ सत्तानव)े से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 45ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग सी.सी. सड़क व नाला निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 11ए63ए45ए389ध्. (ग्यारह करोड़ तिरेसठ लाख पैंतालीस हजार तीन सौ नबासी) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 65ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ कटारे फार्म पर नगर वन का निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 68ए42ए453ध्. ;अड़सठ लाख ब्यालीस हजार चार सौ तिरेपन) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 75ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ सेल्फी पॉइंट का निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 1ए70ए64ए997ध्. (एक करोड़ सत्तर लाख चौसठ हजार नौ सौ संत्तानवे) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 06 स्थानों पर कार्य पूर्ण कराया जाकर लगभग 40ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ ग्राम मुरार सर्वे क्रमांक 4076, कुल रकवा 4.892 हेक्टेयर पर हुरावली स्थित निगम स्वामित्व की भूमि पर व्यावसायिक/आवासीय आधुनिक परिसर का निर्माण राशि रूपये 446 करोड़ से कराया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम ग्वालियर को अधिक से अधिक वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिये चरणबद्व तरीके से विक्रय किया जाना प्रस्तावित है। योजना का क्रियान्वयन सेल्फ फायनेंसिंग (स्व-वित्तीय) के आधार पर किया जावेगा, जिससे नगर निगम ग्वालियर को अधिक से अधिक लाभ होने की संभावना है।
ऽ सागरताल स्थित निगम स्वामित्व की भूमि पर व्यावसायिक भूखण्ड/आवासीय परिसर/दुकानों का निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उक्त कार्य ग्राम जगनापुरा के कुल रकवा 1.3580 हेक्टेयर पर किया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम ग्वालियर को अधिक से अधिक वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिये चरणबद्व तरीके से विक्रय किया जाना प्रस्तावित है। जिससे नगर निगम ग्वालियर को अधिक से अधिक लाभ होने की संभावना है।
ऽ शहर में सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में गीता भवन निर्माण हेतु स्थल का चयन किया जा रहा है। भविष्य में इसके निर्माण से नागरिकों को इसका लाभ होगा।
ऽ कन्वेन्शन सेंटर निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 45ए68ए07ए899ध्. (पैंतालीस करोड़ अड़सठ लाख सात हजार आठ सौ निन्यानवे) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 58ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ निगम म्यूजियम का पुनरूद्धार कार्य लागत राशि रूपये 9ए08ए67ए203ध्. (नौ करोड़ आठ लाख सड़सठ हजार दो सौ तीन) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 85ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ लक्कड़खाना पुल का विकास कार्य लागत राशि रूपये 1ए79ए67ए223ध्. (एक करोड़ उन्यासी लाख सड़सठ हजार दो सौ तेईस) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 05ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ सिंथेटिक वॉकिंग ट्रेक 1,000 मीटर निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 1,15,03,999ध्. ;एक करोड़ पन्द्रह लाख तीन हजार नौ सौ निन्यानवे) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 15ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
ऽ एयरपोर्ट रोड पर प्रीकास्ट डिवाईडर निर्माण कार्य लागत राशि रूपये 2,43,61,060/- (दो करोड़ तैतालीस लाख इकसठ हजार साठ) से कराया जा रहा है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 10ः कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष कार्य पूर्ण कराया जावेगा।
विद्युत
इस वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए सदन को यह बताना चाहती हूंॅ कि पिछले वर्ष में स्ट्रीट लाइट्स के संधारण कार्य में उपलब्धी हासिल की है स्ट्रीट लाइट्स संधारण कार्य जोकि स्मार्ट सिटी के अधीनस्थ एच.पी. कम्पनी द्वारा किया जा रहा था का संचालन सही तरीके से नहीं होने के कारण शहर मे अंधेरा व्यापत रहा जिसके लिए क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा निरंतर नाराजगी व्यक्त की गई। इसमें सुधार के लिए नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट्स संधारण को पुनः अपने अधीनस्थ लेकर विद्युत उपकरण की सप्लाई हेतु निविदा व मैन पॉवर हेतु निविदा जारी कर संधारण कार्य कराये जाने तथा क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की मंशानुसार शहर के मार्गों एवं मुख्य मार्गो पर अंधेरे को दूर करने की प्रयास निरंतर जारी है। मुख्य मार्गों के गोलम्बरों व आर्ट स्टेचू पर 01 करोड़ 52 लाख की राशि के तहत फसाड लाइटिंग का कार्य किया गया साथ ही लगभग राशि रूपये 01 करोड़ 22 लाख के अंतर्गत गोले के मंदिर चौराहे से महाराजपुरा एयरपोर्ट के मुख्यमार्ग पर यूनिपोल व लाइटिंग किये जाने व पोल शिफिंटग के कार्य गतिशील हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर मिनी हाइमास्ट व हाइमास्ट लगाने का कार्य भी किया गया और आगामी बजट वर्ष 2026-27 में शहर के मुख्यमार्ग जहांॅ पर स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था नहीं है तथा पार्को में लाइट्स नहीं हैं, पर लाइटिंग कराये जाने के लक्ष्य को पूरा किया जायेगा, जिसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
फायर ब्रिगेड
बजट वर्ष 2026-27 में फायर ब्रिगेड विभाग हेतु प्रस्तावित बजट अंतर्गत निम्नानुसार कार्य कराये जावेंगे:-
1. मध्यप्रदेश शासन से उपलब्ध बजट में 25ः निकाय के अंशदान के साथ 02 मिनी फायर व्हीकल क्रय किये जायेंगे।
2. महाराज बाड़ा के आसपास घनी मार्केटों में जहॉ फायर वाहन पहुॅचना संभव नहीं हो पाता है। ऐसी मार्केट जैसे- लाला का बाजार, टोपी बाजार, दही मण्डी आदि में जगह जगह हायडेªंट लगाये जावेंगे। जिनको वाटर टैंको से कनेक्ट किया जावेगा। आगजनी घटना के दौरान आग को सुचारू रूप से बुझाया जा सकेगा।
3. आगजनी की घटनाओं एवं रेस्क्यू हेतु आवश्यक उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसके लिये फायर ब्रिगेड द्वारा आवश्यक उपकरण जैसे- विभिन्न प्रकार के रस्से, रोप लोंचर, ट्राईपोड, एयर बेग, हेलमेट, टॉर्च, सर्चिंग टॉर्च, मास्ट लाइट, हॉज पाईप एवं बीए सेट इत्यादि ऐसे उपकरण क्रय किये जावेंगे, जो आगजनी घटनाओं एवं रेस्क्यू में सहायक होंगे।
4. भीषण आगजनी की घटनाओं के रेस्क्यू के दौरान फायर ब्रिगेड वाहनों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इसके लिये वाहनों को नजदीकी हाईड्रेंटों से पानी भरने जाना पड़ता है। उक्त को दृष्टिगत रखते हुये घटना स्थल पर पर्याप्त पानी की व्यवस्था किये जाने हेतु 10 हजार लीटर टैंक के 02 नग फायर ब्रिगेड वाहन क्रय किये जावेंगे, जिससे आगजनी घटनाओं के दौरान फायर ब्रिगेड वाहनों को घटना स्थल पर ही पर्याप्त पानी प्राप्त हो सकेगा।
5. फायर ब्रिगेड कर्मचारियों द्वारा आगजनी की घटना एवं रेस्क्यू का जोखिम भरा कार्य किया जाता है। जिससे आगजनी की घटनाओं में कर्मचारी के आग से जलने, घायल होने पर उपचार हेतु निगम परिषद के ठहराव अनुसार कर्मचारियों का मेडिकल दुर्घटना समूह बीमा कराया जावेगा।
गांधी प्राणी उद्यान, चिड़ियाघर
गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में स्वर्ण रेखा के नाले के पार दीवार की मरम्मत कर ऊँचाई बढ़ा दी गई है साथ ही नालें में गंदा पानी न दिखाई दे इस हेतु लोहे के बड़े जाल बनाकर कवर्ड करने की कार्यवाही लगभग पूर्ण हो चुकी है। तदोपरांत नवीन वर्ड ऐवयरी एवं आधुनिक सर्पघर ;ैदंाम भ्वनेमद्ध का निर्माण निकट भविष्य में किया जायेगा जिससे चिड़ियाघर में सैलानियों की संख्या बढ़ेगी एवं निगम के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
बजट में गांधी प्राणी उद्यान के वन्य जीवों के परिवार में चिम्पांजी को सम्मिलित करने की मांग को देखते हुये केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से औपचारिक कार्यवाही गतिशील है। वांछित स्वीकृति के बाद आगामी कार्यवाही की जा कर चिम्पांजी, चिड़ियाघर परिवार में सम्मिलित किया जायेगा। इस हेतु गत वर्ष की भांति राशि रूपये 60 लाख का प्रावधान किया गया है।
वेस्ट-टू-वंडर पार्क ;ग्वालियर सफारीद्ध
वेस्ट-टू-वंडर पार्क (ग्वालियर सफारी) में सैलानियों हेतु कैन्टीन संचालन शीघ्र प्रांरभ किया जा रहा है, बच्चों के आकर्षण हेतु निकट भविष्य में प्ले स्टेशन ;मल्टीपल झूलेद्ध भी लगवाये जायेंगे साथ ही पार्क में फसाड लाईट लगाकर पार्क का और सौन्दर्यीकरण किया जायेगा जिससे सैलानियों की संख्या बढ़ेगी।
नगर वासियों को आवारा श्वानों से मुक्त करने हेतु निगम के प्रयास
ग्वालियर शहर में गत वर्ष में 3,378 श्वान की एबीसी की गई और 3,539 श्वान को एंटीरेबीज टीकाकरण किया गया, वर्तमान में दो एबीसी सेंटर द्वारा ये कार्य किया जा रहा है निकट भविष्य में एक और नवीन एबीसी सेंटर प्रारंभ किया जाएगा साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश परिपालन में आवारा श्वानों को रखने हेतु 05 नवीन आश्रय स्थल भी बनाए जा रहे हैं।
पालतू कुत्ते और बिल्ली के पंजीयन व्यवस्था भी लागू कर दी गई है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाईन दोनों सुविधाओं द्वारा अभी तक लगभग 370 से अधिक का पंजीयन किया जा चुका है।
जनकल्याण विभाग
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग, समाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण विभाग, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित 21 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन जिसमें हितग्राहियों का चयन, प्रबंधन एवं वित्तीय लाभ के लिये नगर पालिक निगम, ग्वालियर द्वारा सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।
निकाय द्वारा कुल 6,069 शहरी पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी के रूप मे बैंकों के माध्यम से ऋण राशि रूपये 18.13 करोड़ उपलब्ध करायी जा चुकी हैं।
वर्ष 2026-27 में लाभान्वित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अन्तर्गत शासन द्वारा प्रदाय लक्ष्य अनुरूप 38,828 शहरी पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी ऋण राशि रूपये 58,24 करोड़ से लाभांवित किया जाना है एवं शासन की अन्य आठ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाना है।
अमृत 2.0
1. अमृत 2.0 सीवरेज:-
अमृत 2.0 अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुरार क्षेत्र हेतु स्वीकृत राशि रूपये 153.73 करोड से लगभग 238 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाना एवं अन्य संबंधित अधोसंरचनाएं प्रस्तावित है।
2. 15 वें वित्त आयोगः-
पण् वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत वार्ड क्रमांक 01 लगायत 66 तक के अनकवर्ड क्षेत्रों में लगभग 241 किलोमीटर जल वितरण नलिकायें बिछाई जा चुकी है एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत लगभग 250 किलोमीटर की नवीन पाइप लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है।
पपण् वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत वार्ड क्रमांक 01 लगायत 60 तक के अनकवर्ड क्षेत्रों में लगभग 78.53 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क बिछाया जा चुका है एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत लगभग 50.23 किलोमीटर की नवीन सीवरेज नेटवर्क बिछाने का लक्ष्य रखा गया है।
1. मोटर पम्प सहित नलकूप खनन:-
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मोटर पम्प सहित कुल 145 नलकूप खनन किये जाने की निविदा आमंत्रित की गई आवश्यकतानुसार नलकूप खनन किये जाने का कार्य प्रगतिरत है।
अन्य आवश्यक कार्यः-
1. वित्तीय वर्ष 2026-27 में मोतीझील ओल्ड एवं न्यू जल शोधन संयंत्र पर पूर्व से स्थित जल परीक्षण प्रयोगशाला को एन.ए.बी.एल. से मान्यता प्राप्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
2. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह को अमृत मित्र के रूप में चयनित कर महानगर के शहरी क्षेत्र के 60 वार्डों में फील्ड टेस्ट के माध्यम से स्थल पर शत-प्रतिशत परीक्षण करने तथा नमूने असफल होने की स्थिति में प्रयोगशाला में कराया जाना है। लगभग 3,290 घरेलू नल कनेक्शनों से एकत्रित पेयजल नमूनों का परीक्षण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
जनसम्पर्क विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्य –
ऽ नगर निगम ग्वालियर द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला में निगम प्रदर्शनी का आयोजन, गणतंत्र दिवस के अवसर पर एसएएफ ग्रांउड पर निगम के कार्यों की जन चेतनात्मक चलित झांकी का प्रदर्शन।
ऽ भवभूति समारोह में सम्मान कार्यक्रम, दो दिवसीय नवसंवत्सर कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन एवं कलाकारों का सम्मान।
ऽ रक्षाबंधन के अगले दिवस लोक परंपराओं के तहत ऐतिहासिक चकरी मेला में कलाकारों का सम्मान कार्यक्रम।
ऽ पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी की जयंती पर कवि अटल सम्मान कार्यक्रम एवं ग्वालियर गौरव दिवस के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
ऽ अखिल भारतीय संगीत तानसेन समारोह में देश भर से पधारे संगीत कलाकारों का सम्मान कार्यक्रम आदि कराये जाने का प्रावधान प्रस्तावित है।

