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विचारधारा और संगठन की राह पर कब लौटेगी कांग्रेस

बरसों से कांग्रेस के सर्वशक्तिमान संगठन महासचिव के सी वेणु गोपाल अब मौका आते ही केरलम की सत्ता चाहते हैं । काँग्रेस में संगठन का सत्ता के ऊपर महत्व कभी बनाया नहीं गया जिसकी देखा देखी ही सभी उन दलों ने जो कांग्रेस से निकले हैं वे सब इसी राह पर चलते हैं । काँग्रेस…

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बार काउंसिल चुनाव 2026: सवा लाख की ‘एंट्री टिकट’ या वकीलों का लोकतंत्र?

  सुप्रीम कोर्ट की मुहर है, लेकिन सवाल बाकी हैं कल्पना कीजिए – भोपाल, इंदौर या जबलपुर की किसी तहसील अदालत में एक युवा वकील सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक मुकदमे लड़ रहा है। घर का किराया, क्लाइंट का बिल, बच्चों की फीस… और अब बार काउंसिल चुनाव लड़ने के लिए नामांकन…

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ईरानी समर्थक मुस्लिम अप्पियों, खालाओं और कौमी चच्चाओं को धन्यवाद हमारे चूल्हे जलाने का

धन्यवाद कीजिए उन मुस्लिम अप्पियों, खालाओं और कौमी चच्चाओं को जो भारत में ईरान के समर्थन में उतरे थे, और जो ट्रम्प की सेना से लोहा लेने ईरान जाने को भी तैयार थे।उनका देश में ट्रैफिक जाम करना, ईरान को ही अपना सब कुछ घोषित कर देना भी गलत था। जिसका हमने कड़ा विरोध किया…

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जयंती पर विशेष-पंडित रविशंकर शुक्ल – विचारधारा और राष्ट्र निर्माण का संगम

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा दौर भी था जब एक ही परिवार का नाम सत्ता, संगठन और रणनीति – तीनों पर भारी पड़ता था? यह कहानी है उस परिवार की, जिसे कभी मध्य प्रदेश का “पहला राजनीतिक परिवार” कहा जाता था। यह कहानी है पंडित रविशंकर शुक्ल और उनके उत्तराधिकारियों की, जिनकी छाया…

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भाजपा के 14 साल बेमिसाल का ढिंढोरा पीटना बंद करे-पी आर खुंटे

पूर्व सांसद पी. आर. खूंटे ने लिखित आरोप लगाते हुये कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार में आने के पहले एक झंडा बेनर के लिये तरसते थे। भाजपा कार्यकर्ता के पास सायकल के पंचर बनाने के लिये पैसा नहीं होता था, आज भाजपा कार्यकर्ता एक से बढ़कर एक लग्जरी गाड़ियों में घूमते फिर रहे है। स्वयं…

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इमरान खान- दुश्मन जो दोस्तों से भी प्यारा है

ऱमजान का महीना शुरू हो चुका है। बाइस साल हो गए हैं, जब इमरान खान जामा मस्जिद में आए थे। वे तब साउथ एशिया के सबसे बड़े सुपर स्टार थे। वे उन दिनों हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में भाग लेने के लिए आए हुए थे। उनके साथ मोहम्मद इकबाल के पौत्र बाबर भी थे। और…

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लोकसभा का पहला नेता प्रतिपक्ष डॉ रामसुभग सिंह

डॉ. राम सुभग सिंह इन्हें भारतीय संसद का पहला मान्यता प्राप्त ‘नेता प्रतिपक्ष’ होने का गौरव प्राप्त है। वे उन गिने-चुने नेताओं में से थे जो जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में भी रहे और बाद में इंदिरा गांधी की सत्ता को सीधी चुनौती भी दी। उन्हें संसद में उनकी दहाड़ और बेबाक तर्कों के लिए…

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साढे छह दशक की शुचिता नैतिकता,संघ के शताब्दी वर्ष में संसद में तिरोहित

चचेरे-ममेरे भाई बहनों के बीच प्रेम या विवाह उत्तर सनातनी  हिंदूओं को भले ही नैतिकता पर धब्बा लगे । लेकिन दक्षिण भारत  ऐसे विवाह होते  हैं। उसी तरह विवाहेतर प्रेम संबंध पहले भले ही कानूनन ठीक नहीं थे, मगर अब इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इस मामले में भी हमें समाजवादी…

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जीवन से हारे मेरे पुरुष मित्रों

जीवन से हारे मेरे पुरुष मित्रों। दुनिया सफल पुरुषों की बात करती है और सफल पुरुषों की आत्मप्रवंचना अभिप्रेरणा बना कर बेची जाती है। मैं तुम्हारी बात करूंगा, मित्रों, जीवन ने जिन्हें किश्तों में दिया जीवन, और एक-एक किश्त पर वसूला चक्रवृद्धि ब्याज जीवन से हारे मेरे पुरुष मित्रों, पुरुष जीवन की एक ही परीक्षा…

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शूद्र का आटा, शूद्र का घी,भोग लगावे पंडित जी

शूद्र का आटा, शूद्र का घी, भोग लगाएं पंडित जी… शूद्र बेचारे दान चढावैं, मौज मनावैं पंडित जी.. पैदा हो जब शूद्र के बेटा, नाम धरावैं पंडित जी… आरक्षण से मिलल, नौकरी, मनौती पुरावैं पंडित जी.. खेत बेंच मन्दिर बनवावैं, पुजारी बनिगैं पंडित जी.. . शूद्रन के चपरासी बनवावैं, हाकिम बनिगै पन्डित जी… कर्जा लेके…

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