श्रीमद्भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन देने वाला महान जीवन-दर्शन है- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जबलपुर।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार 2 जनवरी को जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्र का शुभारंभ किया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कन्वेंशन सेंटर परिसर में विकसित गीता भवन का शुभारंभ पूजा-अर्चन एवं संतों के वंदन के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन देने वाला महान जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रतिपादित ऐसा आदर्श ग्रंथ है, जो संपूर्ण विश्व में व्याप्त अनेक असुलझे प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करता है तथा जीवन की विविध समस्याओं के निदान का मार्ग प्रशस्त करता है। गीता का संदेश कर्म, कर्तव्य एवं नैतिकता के माध्यम से मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, कर्तव्यबोध एवं नैतिक मूल्यों को समाज के दैनिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। इंदौर के बाद जाबालि ऋषि की तपोभूमि, संस्कारधानी जबलपुर में गीता भवन का शुभारंभ होना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गीता भवन जैसे वैचारिक अध्ययन केन्द्र नई पीढ़ी को भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगे। यहां अध्ययन, चिंतन, संवाद एवं विचार-मंथन के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों तथा श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों का उल्लेख कर कहा कि समाज का सर्वांगीण विकास केवल भौतिक प्रगति से नहीं, बल्कि नैतिक एवं आध्यात्मिक उन्नयन से ही संभव है। उन्होंने प्राचीन ग्रंथों में निहित आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है। इसी दिशा में नवीन शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय ग्रंथों एवं पुराणों में निहित ज्ञान को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की अध्ययन सामग्री में सम्मिलित किया गया है। मध्यप्रदेश नवीन शिक्षा नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है।
गीता भवन में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ –
जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित गीता भवन आधुनिक एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। भवन में सर्वसुविधायुक्त वाचनालय एवं ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। गीता भवन में 5 हजार से अधिक धार्मिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सामाजिक पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त गीता भवन में 900 व्यक्तियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम, विचार-मंथन कक्ष सहित अन्य आवश्यक एवं आधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं, जो इसे अध्ययन, शोध, संवाद एवं वैचारिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती हैं।
मुख्यमंत्री ने किया 44.26 करोड़ के विकास कार्यों लोकार्पण एवं भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 44.26 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिनमें 5.34 करोड़ रूपये लागत से विभिन्न वार्डों में हरित क्षेत्र एवं उद्यान विकास के कार्य, 12.93 करोड़ रूपये लागत के सीमेंट सड़क, डामरीकरण एवं नाली निर्माण तथा 8.99 करोड़ रूपये लागत के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के विभिन्न विकास कार्यो के भूमि पूजन किया गया। इसके अतिरिक्त् 5.09 करोड रूपये लागत के सीसी रोड, नाली निर्माण, 1.69 करोड रूपये लागत के हरित क्षेत्र, उद्यान विकास कार्यों के लोकार्पण के साथ ही 44 लाख रूपये लागत से निर्मित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त मंचीय कार्यक्रम के पूर्व 9.78 करोड रूपये लागत के क्रय किये गये तीन अत्याधुनिक मेकेनिकल रोड़ स्वीपिंग वाहनों को हरी झंडी देकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीकात्मक रूप से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितलाभ का वितरण किया। साथ ही प्रतीकात्मक स्वरूप युवाओं को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की गई।
कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा गोटिया, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अजय बिश्नोई, विधायक श्री अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, संतोष वरकड़े, सुशील तिवारी इंदू सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रबुद्धजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

