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इंदौर दूषित पानी मामले में 15 निर्दोषों की मौत के बाद हाईकोर्ट की फटकार आयुक्त यादव हटाये रोहित और संजीव निलंबित

जनस्वास्थ्य पर ज़ीरो टॉलरेंस, मोहन सरकार की सख्त कार्रवाई

अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया  ,जलवितरण प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव  निलंबित

इंदौर । इंदौर दूषित पानी मामले में निर्दोषों की मौत के बाद हाईकोर्ट की फटकार, विपक्ष व खुद की पार्टी के नेताओं के आरोपों के दबाब के चलते सरकार डॉ मोहन यादव की सरकार हरकत में आ गई है।शुक्रवार सुबह सीएम मोहन यादव ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इंदौर दूषित पेयजल घटना पर की जा रही कार्यवाही पर  भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि-
जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई जारी है और बिना रुके जारी रहेगी—
यह सरकार जवाबदेही से कभी पीछे नहीं हटती।
इंदौर  में दूषित पेयजल की घटना को भाजपा सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के  नेतृत्व में—
 पीड़ितों के निःशुल्क एवं समुचित उपचार के निर्देश
 मुख्यमंत्री द्वारा अस्पताल पहुँचकर प्रत्यक्ष निगरानी
 दिवंगतों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि
 दोषियों की पहचान कर सख्त और निर्णायक कार्रवाई
आज की उच्चस्तरीय समीक्षा में लिए गए कड़े निर्णय—
 नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव  एवं अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस। अपर आयुक्त एडिशनल  रोहित सिसोनिया को इंदौर से हटा  दिया गया है। जल वितरण कार्य विभाग के इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से भी प्रभार वापस ले लिया गया ।
 नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल पदस्थापना
उन्होंने कहा है कि यह भाजपा की सरकार है ।लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
बहाने स्वीकार नहीं।राजनीति नहीं—समाधान और कार्रवाई।