भोपाल।राजधानी भोपाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर गंभीर मामला सामने आया है. शहर के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने के लिए झूठी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं वो भी अलग अलग मोबाइल नंबर्स और नामों से।मामले का खुलासा होने पर प्रशासनिक तंत्र सक्रीय हो गया है और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम में लीलाधर नामक व्यक्ति के नाम से 7 फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई। जब संबंधित शिकायत करने वाले शख्स को बुलाया गया ताकी वेरिफिकेशन हो सके तो कहानी कुछ और निकली। जिस शख्स के नाम और नंबर से शिकायत आई उसने ऐसी किसी भी आपत्ति से साफ इनकार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने सभी आपत्तियों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
कोटरा सुल्तानाबाद में लीलाधर के नाम से मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए सात आपत्तियां दर्ज
विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम के कोटरा सुल्तानाबाद इलाके में रहने वाले लीलाधर के नाम से मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए सात आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इन आपत्तियों में बुशरा, नाजिम कुरैशी, जावेद खान, शानू खान, सजरा, हुमा खान और शबाना बानो के नाम शामिल हैं।इन आपत्तियों में कारण मतदाताओं का अनुपस्थित होना बताया गया है। वहीं लीलाधर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्होंने किसी भी मतदाता के खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए और उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया।सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उनके नाम का गलत इस्तेमाल कैसे और किसने किया?
राजधानी में 9037 फर्जी आपत्तियां,दर्ज कराने वाले गायब प्रशासन सकते में
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर के तहत फार्म नंबर 7 के माध्यम से अब तक कुल 9037 आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं।प्रशासन के अनुसार यह संख्या कुल मतदाताओं की तुलना में कम है, लेकिन कुछ मामलों में सामने आई गड़बड़ियों ने चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि इन 9037 शिकायतों को करने वाला एक भी व्यक्ति सामने नहीं आया।प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि कौन वो लोग हैं जो फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने का खेल खेल रहे।
जिले में कुल 16 लाख 87 हजार 33 मतदाताओं के गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं. वहीं चार लाख 38 हजार 317 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. इसके अलावा एक लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नो मैपिंग श्रेणी में रखा गया है, जिनकी सुनवाई 85 हेल्प डेस्क पर 90 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा की जा रही है.
फर्जी आपत्तियों में मोबाइल नंबरों की भी गड़बड़ी
मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए दर्ज की जा रही आपत्तियों में तकनीकी गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। एक मामले में फॉर्म नंबर सात में आपत्तिकर्ता का नाम अलग दर्ज है, जबकि मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति का लिखा गया है। विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम में विकास सिंह द्वारा शबाना बी और धम्मन बी के नाम कटवाने के लिए आपत्ति लगाई गई, लेकिन फॉर्म में मोबाइल नंबर एक भाजपा नेता का दर्ज पाया गया। जिन्होंने किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज करने से इनकार किया है।
कलेक्टर बोले- जांच के बाद ही हटेगा नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि फॉर्म नंबर सात के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद ही मतदाता का नाम सूची से विलोपित किया जाएगा। बीएलओ द्वारा मौके पर जाकर मतदाता की पहचान की जाती है। यदि मतदाता नहीं मिलता है तो उसे नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। सभी स्तरों पर जांच के बाद ही नाम हटाने की कार्रवाई की जाती है।
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में प्राप्त सभी आपत्तियों की बीएलओ के माध्यम से जांच कराई जा रही है।किसी भी मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। बिना जांच किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जाएगा. जांच पूरी होने के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

