भोपाल। राज्य सरकार आगामी 16 फरवरी से प्रारंभ होने वाले बजट सत्र में 18 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने के बाद वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेगी। इसमें किसी भी विभाग को न तो नए वाहन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी और न ही ऐसी किसी योजना के लिए वित्तीय प्रविधान किए जाएंगे, जिसका वित्तीय भार राजकोष पर पड़े। सूत्रों का कहना है कि अनुपूरक बजट 10 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है।
केवल जरूरी मदों के लिए ही मिलेगा फंड
इसमें उन विभागों को राशि दी जाएगी, जिन्होंने आवंटित बजट का उपयोग कर लिया है और उन्हें भारत सरकार या अन्य माध्यम से अतिरिक्त राशि प्राप्त होने की संभावना है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट शून्य आधारित बनाया गया था। इसमें सभी विभागों से एक-एक योजना की समीक्षा कराकर बजट प्रविधान किए गए।
शून्य आधारित बजट और व्यय के कड़े नियम
पहले दो अनुपूरक बजट में केवल उन्हीं विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई, जिनके लिए या तो वित्त विभाग की पूर्व अनुमति ली गई थी या केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश मिलना था। ऐसा ही अंतिम अनुपूरक बजट में भी होगा। विशेष पूंजीगत सहायता योजना के अंतर्गत किसी योजना में राशि स्वीकृत हुई है तो उसके लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी। नए वाहन खरीदने के लिए किसी भी विभाग को राशि नहीं मिलेगी।

