भोपाल29। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही परेशान हैं।कांग्रेस फॉर्म 7 के तहत काटे गए 1 लाख 45 हजार मतदाताओं के नामों को लेकर चुनाव आयोग पर ही निशाना साध रही है।कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत कर बीएलओ एक दिन में 100 मतदाताओं तक के नाम काट रहे हैं. आपत्ति दर्ज कराने वालों का वैरीफिकेशन ही नहीं किया गया।
कांग्रेस ने अब कार्रवाई न करने पर मुख्य चुनाव पदाधिकारी पर ही एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। उधर बीजेपी भी मध्यम वर्ग के करीबन 20 लाख मतदाताओं के नाम न जुड़ पाने का मुद्दा भारत निर्वाचन आयोग के सामने उठा चुका है।
कांग्रेस बोली- मिलीभगत से काटे गए नाम, एफआईआर कराएंगे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, नियम है कि बीएलओ एक दिन में फॉर्म 7 में अधिकतम 15 फॉर्म ही जमा कर सकता है, लेकिन बीएलओ द्वारा एक दिन में 50 से 100 फॉर्म जमा कर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
फॉर्म 7 में आपत्ति दर्ज कराने वाले का वेरीफिकेशन होना चाहिए था, लेकिन बीएलओ द्वारा नहीं किया।अब जब नोटिस भेजकर सत्यापन किया जा रहा है तो वह ऐसी किसी आपत्ति से ही इंकार कर रहे हैं, यानी फर्जी नामों से फॉर्म भेजकर नाम काटे गए. अब चुनाव आयोग फॉर्म 7 में काटे गए 1 लाख 45 हजार नामों की सूची भी उपलब्ध नहीं करा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग को ऐसे मामले में फर्जी आपत्तिकर्ताओं और बीएलओ पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, जो नहीं की गई। कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को पत्र दे चुकी है। अब यदि पदाधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बीजेपी ने दिल्ली तक दर्ज कराई आपत्ति
उधर सत्ताधारी भाजपा भी एसआईआर में मध्यम वर्ग के करीबन 20 लाख मतदाताओं के नाम छूटने को लेकर चिंतित है। भाजपा ने स्थायी रूप से स्थानांतरित 22 लाख से ज्यादा मतदाताओं को मौका न दिए जाने और इनके नाम सूची में न जुड़ पाने को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई है।
भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से कहा है जिन 31 लाख 21 हजार मतदाताओं के नाम अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित बताकर हटाए गए हैं, ऐसे मतदाताओं को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का मौका ही नहीं मिला। इसके लिए जिम्मेदारी कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।भाजपा एसआईआर अभियान के प्रदेश संयोजक भगवानदास सबनानी के मुताबिक ऐसे सभी मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए।भाजपा इस संबंध में 12 जनवरी और 16 जनवरी को आयोग को अपना ज्ञापन सौंप चुकी है।

