भोपाल.। कांग्रेस ने विधायक फूल सिंह वरैया के बयान से दूरी बनाते हुए शनिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बयान जारी कर भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया के द्वारा ‘रुद्रयामल तंत्र’ ग्रंथ के संदर्भ में दिए गए बयानों का तथ्यात्मक रूप से खंडन किया है। नायक ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों से प्राचीन ग्रंथों की भ्रामक व्याख्या करना उचित नहीं है, यह समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अविश्वास पैदा करने वाला निरर्थक प्रयास है।
श्री मुकेश नायक ने कहा कि ‘रुद्रयामल तंत्र’ भगवान शिव और शक्ति के संवाद का वह पावन संग्रह है, जो भेदभाव को मिटाकर मानवता को एकता के सूत्र में पिरोता है। उन्होंने इस बात की पुष्टि हेतु ग्रंथ के दो अत्यंत महत्वपूर्ण श्लोक प्रस्तुत किए:
*”सर्ववर्णाश्रमाणां च सामान्यं धर्ममुत्तमम्।*
*तन्त्रमार्गेण सिद्धिः स्यात् सत्यं सत्यं न संशयः॥”*
(अर्थात: यह तंत्र मार्ग समाज के सभी वर्णों और आश्रमों के लिए एक समान और उत्तम धर्म है। इसमें सिद्धि प्राप्त करने का अधिकार हर मनुष्य को है, इसमें कोई संशय नहीं है।)
श्री नायक ने कहा कि जब ग्रंथ स्वयं कहता कि यह ‘सर्ववर्ण’ के लिए है, तो इसे किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध बताना घोर अज्ञानता है।
“देहो देवालयः प्रोक्तो जीवो देवः सनातनः।
त्यजेदज्ञाननिमाल्यं सोऽहंभावेन पूजयेत्॥”
(अर्थात: यह मानव शरीर ही मंदिर है और इसके भीतर निवास करने वाला प्रत्येक जीव ही सनातन देव है। मनुष्य को अज्ञान का त्याग कर स्वयं के और दूसरों के भीतर के ईश्वर की पूजा करनी चाहिए।)
श्री नायक ने बल देकर कहा कि जो ग्रंथ प्रत्येक जीव को ‘सनातन देव’ का दर्जा देता हो, वह किसी भी जाति या वर्ग का अपमान कैसे कर सकता है ?
उन्होंने कहा कि इसी ग्रंथ से ‘विज्ञान भैरव तंत्र’ जैसी महान 112 ध्यान पद्धतियाँ निकली हैं, जो मानसिक शांति और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
मुकेश नायक जी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सभी धर्मग्रंथों का सम्मान करती है और किसी भी नेता के ऐसे निजी विचारों का समर्थन नहीं करती जो बिना अध्ययन के धार्मिक आस्थाओं और गौरवशाली परंपराओं पर चोट करते हों। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की है कि वे ग्रंथों के मर्म को समझें और किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक भ्रम का शिकार न हों।*

