दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ हाईवे से होगी कनेक्टिविटी
भोपाल । अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठक में डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्रीय विकास में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से प्रदेश के चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। वहीं अंचल के लोगों को दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ हाईवे से कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले से निकलने वाला अटल प्रोग्रेस वे तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट अभी एलाइनमेंट के पेंच में फंसा है। करीब ढाई साल से प्रगति ठप है जिससे किसानों और संबंधित जिलों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच- 27 से शुरू होकर मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण से मध्यप्रदेशके भिंड, एमपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करनेवालों को सीधा, सुगम और शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा। यात्रा के समय में करीब 5 घंटे बचेंगे।
कुल 404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना में शामिल है। मप्र में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी एवं यूपी में 22.96 किमी का निर्माण होना है। अटल प्रोग्रेस वे की प्रारंभिक लागत करीब 6 हजार करोड़ रुपए की थी जोकि अब 23 हजार 645 करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। क्षेत्रों से होकर प्रोगेस वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
अटल प्रोग्रेस-वे में भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर जाएगा। जिले की सीमा में करीब 95 किलोमीटर की लंबाई प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिले में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी थी। इसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन है। एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक का भी सफर आसान करेगा।
यह राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा
एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे। इससे क्षेत्र की कोटा, मुंबई,कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा।
अटल प्रोग्रेस-वे के बनने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन कोप्रोत्साहन मिलेगा। किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कर परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ने यह निर्देश अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में दिए।
टाइगर टूरिज्म कॉरीडोर से जुड़ेगे चार राष्ट्रीय उद्यान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान-कान्हा टाइगर रिजर्व-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले मार्ग को टाइगर टूरिज्म कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 625 कि.मी. लंबे इस मार्ग से
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो प्लान का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य
सचिव श्री अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखबीर सिंह उपस्थित थे।

