आईपीएल के मैचों का प्रसारण बांग्लादेश सरकार ने बैन कर दिया है, लेकिन हमारे सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि हम अभी भी बांग्लादेश लीग का भारत में प्रसारण कर रहे हैं।
आपको बताना जरुरी है कि भारत की तरफ से बांग्लादेशी क्रिकेटर का भारत में खेलने का विरोध हुआ और भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड ने उनके खिलाड़ियों पर आईपीएल में खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, और यह सही भी है। लेकिन क्या अभी तक वो लोग जो बांग्लादेशी क्रिकेटर के लिए कोलकाता नाईच राईडर और शाहरुख खान का विरोध कर रहे थे, उन्होंने एक बार भी बोला कि बीपीएल भारत में प्रतिबंधित होना चाहिए? नहीं बोला, क्योंकि उन्हें आईपीएल से दिक्कत नहीं, उन्हें शाहरुख खान से दिक्कत है, उनको उनके नाम से दिक्कत है।
अरे, आप अगर देशभक्त हैं तो अब करो न विरोध कि भारत में बीपीएल पर प्रतिबंध लगे। अभी भी फेनकोड बीपीएल का प्रसारण कर रहा है। अब मुझे यह भी बताने की जरूरत नहीं है कि फेन कोड किस बड़े समूह से जुड़ा हुआ है।
अगर नहीं पता है तो मैं आपको बताता हूँ – फेनकोड ड्रीम 11 से जुड़ा हुआ है। दोनों ही कंपनियों में हर्ष जैन का जुड़ाव है और आप सभी जानते हैं हर्ष जैन किसके बेटे हैं।
हर्ष जैन के पिता का नाम है आनंद जैन, जो मुकेश अंबानी के करीबी हैं। बाकी आप सब जानते हैं।
इसके अलावा मैं एक और व्यक्ति का नाम लेना चाहूँगा। अभी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हिरेन जोशी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ाव है। अब आप सभी जानते हैं कि भारत की सबसे बड़ी बेटिंग ऐप्स कौन सी हैं। कही सरकार ने इसलिए तो बैन नहीं लगाया, क्योंकि वो हिरेन जोशी को फायदा पहुँचा रही है। देश से ऊपर और विदेश नीति से ऊपर हैं हिरेन जोशी?
कुल मिलाकर बात यह है कि आईपीएल का बांग्लादेश में बैन होना हमारे लिए नुकसान की बात नहीं है, लेकिन बीपीएल का भारत में दिखना नुकसान की बात है। आर्थिक रूप से तो है ही कि बांग्लादेश को फायदा हो रहा है, विदेश नीति के हिसाब से देखिए कि बांग्लादेश जैसा देश हम पर बैन लगा दे रहा है और हम उसके बीपीएल पर बैन नहीं लगा पा रहे हैं। सरकार की इसमें क्या मजबूरी हो सकती है, यह सोचने का विषय है।
यह विषय आप जितना छोटा सोच रहे हैं, यह इतना छोटा नहीं है। यह हमारी विदेश नीति में हार है, वो भी बांग्लादेश से। जब आईपीएल पर बैन लगा, तब विदेश मंत्री जी बांग्लादेश में ही थे, उसके बाद भी बैन लग गया।
आप यह भी ध्यान रखों की प्रतिबंध बांग्लादेश सरकार ने लगाया है, न कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने, यानी कि लड़ाई बांग्लादेश सरकार से है, न कि क्रिकेट बोर्ड से।
यानी बात एकदम साफ है – यहाँ बांग्लादेश का विरोध नहीं, बल्कि एक व्यक्ति का विरोध किया गया, क्योंकि उसका नाम शाहरुख खान था।

