
ग्वालियर 11 जनवरी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की 60वीं पुण्यतिथि के अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता महाराज सिंह पटेल , अशोक प्रेमी, जेएच जाफरी, मेहबूब भाई चैनवाले, योगेन्द्र सिंह नोनेरा ने पड़ाव चौराहा स्थित शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पाजंली अर्पित की।
महाराज सिंह पटेल ने शास्त्री जी को नमन करते हुए कहा कि आज हम यहां एक महान नेता, सादगी और निष्ठा के प्रतीक, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए हैं। शास्त्री जी का जीवन प्रेरणा और त्याग की एक अद्भुत मिसाल है। शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ। बचपन से ही उनके अंदर देश भक्ति और सेवा का भाव था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक था। उनका नारा जय जवान, जय किसान भारत की जनता को प्रेरित करने वाला मंत्र बना। यह नारा उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान दिया, जब देश को सैनिकों की वीरता और किसानों के परिश्रम की सबसे अधिक आवश्यकता थी। यह नारा आज भी हमारे दिलों में गूंजता है और हमें राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। शास्त्री जी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे हमेशा जनता के करीब रहते थे। उन्होंने गरीबी को नजदीक से देखा था और यही कारण था कि वे समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए काम करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनका सरल जीवन और उच्च विचार हम सभी के लिए अनुकरणीय हैं। 1966 में ताशकंद समझौते के बाद, शास्त्री जी का अचानक निधन हो गया। उनका निधन पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति थी। लेकिन उनके विचार और उनके द्वारा सिखाई गई मूल्य आज भी हमारे जीवन को प्रेरित करते हैं। आज उनकी पुण्यतिथि पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके दिखाए गए मार्ग पर चलें। सादगी, निष्ठा और देशभक्ति को अपने जीवन में अपनाएं और अपने देश को मजबूत और समृद्ध बनाएं शास्त्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके विचारों को अपने जीवन में उतारे और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
पुष्पांजली सभा में अशोक प्रेमी, जेएच जाफरी, उदल सिंह यादव, मेहबूब भाई चैनवाले, चतुर्भुज धनोलिया, भैयालाल भटनागर, योगेन्द्र सिंह नोनेरा, रामनरेश परमार, वीरेन्द्र तोमर, शंकर गाबरा, अवनीश गोड़, राजू राय, तरूण यादव, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप यादव, लक्ष्मीनारायण कुशवाह, नवीन भदकारिया, राजेश बाबू, भूपेन्द्र तौमर, कपिल पाल, श्रीमती रचना कुशवाह, वीरेन्द्र सिंह यादव, आदित्य सिंह सेगर, विवेक सिंह तोमर, संजीव दीक्षित, नीरज सिंह यादव, आविद नकबी, धर्मेन्द्र शर्मा धीरू, राकेश बाथम, सोहिल खान, गोविंद दास अग्रवाल, कुलदीप मगरैया, नाजिम खान, राहुल भदोरिया, मोनू भटनागर, विजय शर्मा, बाबू लाल चौरसिया, शरद यादव, मुन्नालाल खरे, भानू कुमार जादोन, रविन्द्र सिंह जादोन, बुंदू खान, अर्जुन सिंह चंदेल, राजेश तोमर, संजीव जयंत, कल्लू तौमर, मोहित दीक्षित, मोहित जेन, विवेक पांडे, शुभम सिंह सिकरवार, घनश्याम राजपूत सहित अनेक कांग्रेसजन शामिल थे।

