भारत की आजादी के लिये कांग्रेस ने अनेक बलिदान और कुर्बानियां दी
स्थापना दिवस मात्र समारोह न मानें, बल्कि देश सेवा और समर्पण का संकल्प दिवस
ग्वालियर 28 दिसंबर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर पूरे देशभर में कांग्रसजनों द्वारा हर्षाेल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कांग्रेस संगठन न केवल भारत की आजादी की लड़ाई का प्रतीक है, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण और विकास का भी आधार स्तंभ रहा है। 140 वर्षों में कांग्रेस ने अहिंसा, एकता और समानता के सिद्धांतों पर चलते हुए लाखों भारतीयों को एकजुट किया और देश को आधुनिक राष्ट्र के रूप में ढाला। इसी पवित्र परंपरा को जीवंत रखते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस भवन, शिंदे की छावनी पर 140वें स्थापना दिवस का समारोह शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदेमातरम गान से हुआ, उसके बाद कांग्रेस भवन में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के. कामराज, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री राजीव गांधी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कै. श्रीमंत माधवराव सिंधिया की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात् कांग्रेस का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र सिंह नाती थे, संगोष्ठी में वयोवृद्ध कांग्रेसजनों जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन पार्टी को समर्पित किया ऐसे सर्वश्री रतिराम यादव, भावनदास दयानी, जे.एच. जाफरी सहित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजेन्द्र सिंह नाती का स्वागत शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहार से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरण के साथ समापन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्यवक्ता वरिष्ठ कांग्रेसनेता राजेन्द्र सिंह नाती ने कांग्रेस का इतिहास बताते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से अभिन्न रूप से जुड़ा है। ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ शुरूआती आवाज बनकर उभरी यह पार्टी जल्द ही जन-आंदोलनों की अगुआ बनी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन (1920), सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) और भारत छोड़ो आंदोलन (1942) जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों ने ब्रिटिश शासन को हिलाकर रख दिया। इन आंदोलनों में कांग्रेस ने करोड़ों भारतीयों को सड़कों पर उतारा और 15 अगस्त 1947 को आजादी दिलाई। स्वतंत्रता की इस लड़ाई में कांग्रेस के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अमूल्य योगदान दिया। इनमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, एकीकरण के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल, विद्वान नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद, गरम दल के प्रणेता बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, सुभाष चंद्र बोस और क्रांतिकारियों जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद व सुखदेव शामिल हैं। इन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, गांधीजी की हत्या से लेकर भगत सिंह की फांसी तक, हर बलिदान ने आजादी की नींव मजबूत की।
आजाद भारत के विकास में भी कांग्रेस का योगदान अतुलनीय है। पंडित नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं ने औद्योगिक क्रांति की सौगात दी, भाखड़ा-नांगल जैसे बांधों ने ऊर्जा का संचार किया। इंदिरा गांधी ने ग्रीन रेवोल्यूशन से खाद्यान्न आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की, बैंकों का राष्ट्रीयकरण गरीबों तक वित्तीय पहुंच प्रदान की। राजीव गांधी ने सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति लाकर भारत को वैश्विक पटल पर स्थापित किया, डॉ. मनमोहन सिंह की नीतियों ने आर्थिक उदारीकरण से देश को नई ऊंचाइयां दीं। इन प्रयासों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में लाखों जीवन बदले।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, आज जब हम 140वें स्थापना दिवस पर एकत्र हैं, तो हमें उन महान सेनानियों की स्मृति भी होनी चाहिए जिन्होंने गांधीजी की अहिंसा से लेकर भगत सिंह के बलिदान तक हर मोर्चे पर देश को मजबूत किया। नेहरू जी की विज्ञान नीतियों ने हमें परमाणु ऊर्जा दी, पटेलजी ने 562 रियासतों को एक सूत्र में बांधा, जबकि इंदिरा जी ने गरीबी हटाओ का संकल्प लिया। आज भी कांग्रेस वही सेवा, संघर्ष और त्याग की भावना से प्रेरित है। हम युवाओं से अपील करते हैं कि वे इस विरासत को संभालें और भारत को समृद्ध राष्ट्र बनाएं और इस दिवस को मात्र समारोह न मानें, बल्कि सेवा और समर्पण का संकल्प लें।
कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, पूर्व अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, प्रदेश सचिव राहुल शर्मा, महाराज सिंह पटेल, राजेन्द्र सिंह नाती, वीर सिंह तौमर, जेएच जाफरी, चतुर्भुज धनोलिया, हेवरन सिंह कंसाना, श्रीमती सीमा समाधिया, पूरन सिंह कुशवाह, मेहबूब खां चेनवाले, हरेन्द्र गुर्जर, देवेन्द्र शर्मा, दर्शन मिश्रा, देशराज भार्गव एड, पियुश जेन, महेश मधुरिया, कुलदीप सिंह कौरव एड, अवनीश गोड़, महेन्द्र शर्मा, तरूण यादव, भूपेन्द्र तौमर, सोनू भदोरिया, आदित्य संेगर, अशोक तरेटिया, शंकर गाबरा, रविन्द्र सिंह भदोरिया, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप यादव, राजेश खान, अंसार खान, मुनेन्द्र भदोरिया, देवेन्द्र चौहान, श्रीमती वीना भारद्वाज, श्रीमती किरन धर्मेन्द्र वर्मा, श्रीमती ज्योती सिंह, श्रीमती शिखा शर्मा, श्रीमती रचना कुशवाह, श्रीमती मिथलेश सिंह, श्रीमती पूनम प्रजापति, कपिल पाल, पिंकी पंडित, वीरेन्द्र यादव, संजीव दीक्षित, कुलदीप मगरैया, मुनेश निगम, रमेश भारती, संजय फड़तरे, प्रताप राव महाडिक, संतोष शर्मा, धर्मेन्द्र शर्मा धीरू, राकेश बाथम, बाबू लाल चौरसिया, गोविंद दास अग्रवाल, सोहिल खान, राजेश भदोरिया, अतुल जेन, राहुल भदोरिया, लाल सिंह कुशवाह एड, शुभम मधुरिया, जल्फिकार खान, आशिक उस्मानी, जगदीश पवैया, गोविंद सिंह राजपूत, महेश धनोलिया, रीतेश, गौरव सिंह भदोरिया, राम बरूआ, अजय गुप्ता, जितेन्द्र सिंह राजावत, विष्णू कुमार, विवेक पांडे, संजीव जयंत, अनूप मिश्रा, शानू, सौरभ सिंह राजावत, हिमांशू कुलश्रेष्ठ, नीतेश सिंह, मोहित दीक्षित, अभिशेक पाल, सुनील पाल, नरेन्द्र शर्मा, धर्मवीर सिंह राठौर, अरमान खान, सांगर खरे, विनोद प्रजापति, विजय दिवाकर, अविनाश गुप्ता, मुन्नालाल खरे, सोरभ प्रजापति, अर्जुन सिंह चंदेल, रोहित यादव, दीलिप शर्मा, मोहन मोदी, राजेन्द्र सिंह कुशवाह, राजू बाथम, अमित शर्मा, रामबाबू श्रीवास, गोपाल प्रसाद प्रजापति, नरेश विरथरे, दीपू भदोरिया, वीरू तौमर, फिरोज खान, रूप सिंह राजावत, केके चौहान एड, कल्लू खां, पवन मिश्रा, बाबूलाल राठौर, राजेन्द्र सिंह गहलोत, डॉ. संजय यादव, अजय मेवाफरोश, दिलीप सिंह, बुदूं खान सहित अनेक कांग्रेसजन सम्मलित थे।