ग्वालियर 26 । कलेक्टर रुचिका चौहान ने गत दिवस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत ग्वालियर जिले की सीमा में किसी भी सार्वजनिक स्थल पर धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस एवं चल समारोह जैसे आयोजनों पर सक्षम अधिकारी की अनुमति अनिवार्य की गई है। कांग्रेस पार्टी कानून के शासन में पूर्ण विश्वास रखती है और सदैव प्रशासनिक निर्देशों का पालन करती आई है।
किन्तु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा अपने प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के ग्वालियर आगमन पर खुलेआम प्रशासनिक आदेशों की धज्जियाँ उड़ाई गईं। बिना अनुमति के रैली निकाले जाने की घटना यह स्पष्ट करती है कि सत्ता पक्ष के लिए अलग नियम और आम जनता एवं विपक्ष के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि कंाग्रेस द्वारा जब कोई कार्यक्रम की अनुमति मांगी जाती है, जिला प्रशासन धारा 163 का हवाला देकर अनुमति नहीं देकर रोकने की कोशिश करता है, या फिर कांग्रेस के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की संख्या निर्धारित कर दी जाती है, इसके विपरीत भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष की रैली में सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिला प्रशासन द्वारा हमेशा से ही एैसा ही भेदभावपूर्ण रवैया किया जाता रहा है, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष की रैली से जगह-जगह सड़को पर जाम लगता रहा, जिसमें कई जगह एंबूलेंस फंसती रही, जिन्हे लबां चक्कर लगाकर जाना पड़ा।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने आगे कहा कि भाजयुमो द्वारा प्रदेश अध्यक्ष की निकाली गई रैली की अनुमति यदि दी गई हो तो तत्काल सार्वजनिक की जाए।. यदि अनुमति नहीं थी, तो संबंधित आयोजकों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। प्रशासन यह स्पष्ट करे कि कानून का पालन सभी पर समान रूप से लागू होगा। अन्यथा यह प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने जिला प्रशासन के इस रवैये पर कहा कि ग्वालियर में कानून का खुला मजाक बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन आदेश स्पष्ट है कि बिना अनुमति के कोई रैली या प्रदर्शन, धरना नहीं होगा। कांग्रेस ने हमेशा कानून का सम्मान किया और अनुमति के लिए विधिवत आवेदन दिया, लेकिन हमें रोका गया। वहीं भाजपा और उसका युवा मोर्चा खुलेआम नियम तोड़कर रैली निकालते हैं और प्रशासन मौन रहता है यह दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कानून का समान रूप से पालन नहीं कराया गया तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करने को बाध्य होगी।

