ग्वालियर 23। वर्षों की सेवा, साधना और सतत विकास की प्रेरक यात्रा का जीवंत प्रस्तुतीकरण ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना के पावन पर्व बसंत पंचमी के अवसर पर ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण परिसर में आदर्श गौशाला, ग्वालियर द्वारा आयोजित विशेष प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। यह प्रदर्शनी बसंत पंचमी 2017 से प्रारंभ हुई आदर्श गौशाला की 9 वर्षोंकी प्रेरणादायी 9 वर्षों यात्रा का सारगर्भित चित्रण प्रस्तुत करती है।
उद्घाटन अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, मेला प्राधिकरण सचिव एस. बी. त्रिपाठी एवं गेल इंडिया ग्वालियर के मुख्य प्रबंधक प्रसाद दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया तथा गौ-संरक्षण, जैविक खेती और गो-आधारित स्वदेशी मॉडल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम श्री कृष्णायन संत स्वामी ऋषभ देवानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। संत समाज ने गौ-संरक्षण को भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक उत्थान का आधार बताया।
प्रदर्शनी में गौ-संरक्षण, जैविक खेती, गोबर-गोमूत्र से निर्मित उत्पाद, सतत विकास मॉडल, हरित ऊर्जा, स्वदेशी आजीविका और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए गए हैं। विशेष आकर्षण के रूप में निकी पब्लिक स्कूल, मुरार के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित आदर्श गौशाला मॉडल तथा स्क्रैप से निर्मित गौमाता का मॉडल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा, जिसका उद्देश्य पॉलीथिन उपयोग के प्रति जागरूकता भी है।
उल्लेखनीय है कि आदर्श गौशाला की स्थापना बसंत पंचमी 2017 को श्रीकृष्णायन संतों के मार्गदर्शन में हुई थी और बसंत पंचमी 2026 पर इसके 9 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस अवधि में गौशाला ने वैज्ञानिक प्रबंधन, परंपरा-आधारित नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान अर्जित की है।
31 करोड़ की आईओसीएल सीएसआर परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया जाना, लंपी स्किन रोग के दौरान शून्य मृत्यु दर, ‘मॉडल गौशाला’ की मान्यता एवं विभिन्न शहरों में मार्गदर्शक मॉडल के रूप में स्वीकार्यता इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। यह प्रदर्शनी ग्वालियर व्यापार मेला अवधि के दौरान आमजन के लिए खुली रहेगी, जिससे नागरिक गौ-आधारित सतत विकास, जैविक जीवनशैली और भारतीय संस्कृति के समग्र मॉडल से परिचित हो सकेंगे।

