लम्बी-लम्बी कतारों से किसानों को मिलेगीमुक्ति
राजस्व अधिकारियों को दी गई इस प्रणाली की जानकारी
ग्वालियर । कलेक्ट्रेट में रुचिका चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में जिला विपणन
अधिकारी द्वारा विस्तारपूर्वक ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली का विस्तार से प्रजेंटेशन दिया गया। इसके बाद तय किया गाया कि ग्वालियर जिले के किसानो को भी अब राज्य शासन द्वारा लागू की गई ई-टोकन प्रणाली से खाद (रासायनिक उर्वरक) का वितरण होगा।
“ई-विकास प्रणाली”के नाम से लागू हो रही खाद वितरण की इस व्यवस्था से किसानों को लम्बी-लम्बी कतारों में
खड़े होने की जरूरत नहीं रहेगी। वहीं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
इस व्यवस्था की यह भी खूबी है कि सरकार को उर्वरक की मांग तत्काल पता लग जायेगी और जरूरत के मुताबिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा
सकेगी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कृषि, सहकारिता व विपणन संघ के अधिकारियोंसहित जिले के सभी एसडीएम को प्रभावी ढंग से ई-टोकन प्रणाली व्यवस्था के तहत खादवितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली का विस्तार से हुआ प्रजेंटेशन
राजस्व अधिकारियों की बैठक में जिला विपणनअधिकारी द्वारा विस्तारपूर्वक ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली का विस्तार से प्रजेंटेशन दिया
गया। साथ ही इसी कड़ी में 6 जनवरी को कृषि, ग्रामीण विकास, सहकारिता, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, विपणन संघ एवं एमपी एग्रो के अधिकारियो को प्रशिक्षित किया जायेगा।ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था के तहत किसानों को खाद वितरित करने के लिये
डिजिटल टोकन उपलब्ध कराया जायेगा। टोकन में किसान का नाम, पंजीयन क्रमांक, उर्वरकका प्रकार व मात्रा, वितरण केन्द्र एवं निर्धारित तिथि व समय अंकित रहेगा। यह टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा। ई-टोकन के
आधार पर किसान भाई निर्धारित समय पर संबंधित वितरण केन्द्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

