भोपाल।मध्य प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा अप्रैल2026 से इंदौर में शुरू करने से पहले बस किरायों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में सामान्य बसों के लिए पहले किलोमीटर का किराया सात रुपये और इसके बाद प्रति किलोमीटर 1.25 रुपये निर्धारित है, जबकि डीलक्स बसों में डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर किराया लिया जाता है।
हाल ही में बस संचालकों ने सामान्य बसों के किराये को दो रुपये प्रति किलोमीटर तक बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के बाद वर्ष 2021 में आखिरी बार किराया बढ़ाया गया था, लेकिन इसके बाद से संचालन लागत में लगभग 50 प्रतिशत तक इजाफा हो चुका है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस संचालकों की मांग पर विचार किया जाएगा, लेकिन किराया वृद्धि तार्किक और आंकड़ों के आधार पर ही तय की जाएगी। इसके लिए लागत मूल्य सूचकांक (सीपीआई), ईंधन मूल्यों में बढ़ोतरी को दर्शाने वाले फ्यूल प्राइज इंडेक्स (एफपीआई) और होलसेल प्राइज इंडेक्स (डब्ल्यूपीआई) का अध्ययन किया जाएगा। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा। अनुमान है कि किराया डेढ़ से पौने दो रुपये प्रति किलोमीटर तक बढ़ सकता है।
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नॉन-एसी (स्लीपर, फर्स्ट क्लास) और एसी (चेयर कार एसी3, एसी2 एसी1 ) सभी में 2 पैसे प्रति किमी की बढ़ोतरी हुई है।
साधारण ट्रेनें द्वतीय श्रेणी215 किमी तक: कोई बढ़ोतरी नहीं.216-750 किमी: ₹5 की बढ़ोतरी.751-1250 किमी: ₹10 की बढ़ोतरी.
1251-1750 किमी: ₹15 की बढ़ोतरी.1751-2250 किमी: ₹20 की बढ़ोतरी.
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सुगम परिवहन सेवा से पहले बस संचालकों मैदान में
राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत निजी बसों को अनुबंधित कर अप्रैल 2027 के पहले प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर 10 हजार 879 बसों का संचालन करने की योजना पर काम कर रही है। इससे अधिकांश निजी बसें सरकारी नियंत्रण में आ जाएंगी।
गठित कंपनियों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, जिससे न तो क्षमता से अधिक यात्री बैठ सकेंगे और न ही मनमाना किराया वसूला जा सकेगा। इसी कारण बस संचालक अभी किराया बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं। वर्तमान में कई स्थानों से निर्धारित किराये से अधिक वसूली और बसों में किराया सूची न लगाए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
क्या कहते हैं बस ऑनर्स के नेता
हमारी मांग तार्किक है। वर्ष 2021 के बाद से डीजल, टायर व अन्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। अन्य खर्च भी बढ़े हैं। ऐसे में लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग की जा रही है।
-गोविंद शर्मा, अध्यक्ष, प्राइम रूट बस आनर्स एसोसिएशन

